विषय:- परमेश्वर ने नूह को स्मरण किया।

उत्पत्ति 8:1
और परमेश्वर ने नूह की, और जितने बनैले पशु, और घरेलू पशु उसके संग जहाज में थे, उन सभों की सुधि ली: और परमेश्वर ने पृथ्वी पर पवन बहाई, और जल घटने लगा। 

नूह 150 दिन तक जल प्रलय में फंसा रहा। यह वचन बताता हैं कि परमेश्वर ने नूह की सुधि ली। इन 150 दिनों में नूह शायद सोच रहा हो कि परमेश्वर ने कुछ बात क्यो नही की। परमेश्वर ने नूह के विश्वास को परखा क्योकि उसे नही पता था कि कब यह जल नीचे उतरेगा, कब सारी बाते सामान्य होंगी और कब परमेश्वर फिर उससे बाते करेंगे। इसके पश्चात परमेश्वर नूह और उसके परिवार के प्रति प्रेम प्रकट करता है। वह नूह और उसके परिवार की सुधि लेता हैं और जल पृथ्वी पर से घटने लगता हैं।

नूह के साथ दर्शाए गए व्यवहार को जब हम देखते हैं तो हमे समझना हैं कि परमेश्वर के लोगो को उसके तरीके में आशा व विश्वास होना चाहिए। उन्हें विश्वास होना चाहिए कि परमेश्वर उन्हें कभी नही छोड़ेगा ना ही त्यागेगा। यदि परमेश्वर ने आपके जीवन मे लम्बे समय से बात नही की तो आप चिंता न करे आप निश्चिंत रहे कि वह पुनः कार्य करेगा और अपने प्रेमी चिंता को प्रकट करेगा। वह आपकी प्रार्थनाओ का उत्तर देंगे।

अगर आप इंतजार कर रहे हैं कि प्रभु आप से बात करे तो इस समय आप का कार्य यह हैं कि आप प्रभु के निकट बने रहे व उसके वचन व आत्मा के विश्वासयोग्य आज्ञाकारिता में बने रहे।

अगर आप इस पुस्तक को आगे पढ़ेंगे तो पाएंगे कि परमेश्वर ने नूह के साथ वाचा बांधी और उन्हें आशीष दी।जब हम उसके सम्मुख बने रहेंगे तो वह निश्चय हमे आशीष देगा।

परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की

Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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