विषय:-घटते-बढ़ते बटखरे और घटते-बढ़ते नपुए
नीतिवचन 20:10
घटते-बढ़ते बटखरे और घटते-बढ़ते नपुए इन दोनों से यहोवा घृणा करता है।
आज का नीतिवचन हमें बहुत सारे विषय के बारे में सिखाता हैं जिनमें से एक विषय हैं कि परमेश्वर घटते बढ़ते बटखरे और नपुए से घृणा करते हैं
हम सभी महान और दयालु परमेश्वर के पीछे चलते हैं जो कि कभी नही बदलता। वह अपने किए हुए वादे पर स्थिर रहते हैं। मेरे प्रियो जब परमेश्वर ऐसा है कि वह कभी नही बदलता है तो हम उसकी तरह क्यो नही है।
अकसर ऐसे लोग देखने को मिलते हैं जो मसीह में अच्छा कार्य कर रहे होते हैं और उनके मन मे चलता रहता हैं कि हम कलीसिया नही आएंगे क्योकि उनका मन स्थिर नही रहता या यूं कहें कि घटते बढ़ते बटखरे और घटते बढ़ते नपुए की तरह होते हैं जो कि एक जगह स्थिर नही रहता।
अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि तो आप इस वचन को आप अपने बाइबल में पढ़िए और परमेश्वर से प्रार्थना कीजिए कि परमेश्वर आपके जीवन में स्थिरता को दे।
नीतिवचन 11:1
छल के तराजू से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु वह पूरे बटखरे से प्रसन्न होता है।
यह वचन बताता हैं कि जब हम परमेश्वर के राज्य में हैं उसके सम्मुख हैं तो हम पूरे मन से उसके समीप जाना है जैसा वचन कहता हैं कि वह पूरे बटखरे से प्रसन्न होता हैं यानी जो व्यक्ति परमेश्वर के सम्मुख जाए वह पूरे मन से जाए क्योंकि यह बात परमेश्वर को अच्छी लगती हैं।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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