विषय:- विश्वासियों के चिन्ह ओर अधिकार

मरकुस 16:17-18
और विश्वास करने वालों में ये चिन्ह होंगे कि वे मेरे नाम से दुष्टात्माओं को निकालेंगे। 
नई नई भाषा बोलेंगे, सांपों को उठा लेंगे, और यदि वे नाशक वस्तु भी पी जांए तौभी उन की कुछ हानि न होगी, वे बीमारों पर हाथ रखेंगे, और वे चंगे हो जाएंगे। 

हम सभी लोग विश्वासी कहलाए जाते हैं। बाइबल हमें एक विश्वासी के अंदर क्या चिन्ह होने चाहिए बताती हैं। साथ ही बाइबल हमें स्पष्ट करता है कि यीशु मसीह चाहते हैं कि उसके लोग जो कि उसके पीछे चलते हैं आश्चर्यकर्म को करें, जब वे परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार प्रचार करते हैं।

इनमे से प्रत्येक चिन्ह आरम्भिक कलीसिया में घटित हुआ है।
नई भाषा बोलना ( प्रेरितों 2:4 )
दुष्टात्मा को निकालना ( प्रेरितों 5:16 )
साँप के काटे जाने पर मृत्यु से बचना( प्रेरितों 28:3-5 )
बीमारों को चंगा करना( प्रेरितों 8:7 )

ये आश्चर्यकर्म यीशु की कलीसिया में जब तक यीशु वापस ना आ जाए तब तक चलते रहेंगे।

इस वचन में यीशु मसीह बताते हैं कि यह चिन्ह केवल थोडे लोगों के लिए ही विशेष वरदान नही बल्कि हर विश्वासी को दिए गए हैं जो यीशु मसीह की आज्ञा का पालन करते हैं।

यीशु मसीह ने हमे अशुद्ध आत्माओ पर अधिकार दिया है की उन्हें निकाले और सब प्रकार की बीमारियों और सब प्रकार की दुर्बलताओ को दूर करे। ( मत्ती 10:1 )

जब हमें यीशु मसीह ने अधिकार दिया है तो हम जब प्रार्थना करे तो अधिकार के साथ करे। जब हम ऐसा करेंगे तो हम पायेंगे कि हम वो आश्चर्यकर्म कर रहे हैं जो यीशु ने भी नही किये क्योकि यीशु मसीह ने ही कहा कि तुम मुझसे बड़े बड़े आश्चर्यकर्म को करोगे।

परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।

Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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