विषय:- विचारों में भी परमेश्वर को याद रखना।
भजन संहिता 63:6
जब मैं बिछौने पर पड़ा तेरा स्मरण करूंगा, तब रात के एक एक पहर में तुझ पर ध्यान करूंगा;
प्रार्थना और बाइबल पढ़ना हमारे लिए बहुत जरूरी हैं लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी यह हैं कि हम अपना ध्यान प्रभु पर केंद्रित करें। अपने विचारों को भी रात दिन परमेश्वर पर केंद्रित करें। यह याद रखते हुए की प्रभु कभी कभी का विषय नही हैं बल्कि बार बार का अनुभव, स्वर्ग को देखने व स्तुति का, उसकी उपस्थिति तथा प्रभुता को मानने का, तथा उसके साथ संगति रखने का विषय हैं।
इससे अच्छा कुछ नही की सुबह सबसे पहला विचार तथा रात का अंतिम विचार प्रभु के अनुग्रह, प्रेम तथा हमारे लिए उसकी क्या योजना हैं पर हो। और जब रात को नींद ना आये उस समय भी हम प्रभु के वचनों को मनन करें।
भजन संहिता 65:4
क्या ही धन्य है वह; जिस को तू चुनकर अपने समीप आने देता है।
हम याद रखे कि हमें चुना गया हैं और यह चुनाव परमेश्वर की ओर से है। हमारे लिए आनन्द की बात हैं कि हम परमेश्वर के निकट रहें तथा उसके साथ संगति रखें। बाइबल हमें सिखाती हैं कि हम परमेश्वर के निकट रहें ताकि हम उसकी दया व सामर्थ्य को पाए जो आवश्यकता के समय हमें सहायता देगी।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।
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Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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