विषय:- यीशु में न बने रहने का परिणाम।

यूहन्ना 15:6
यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाईं फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं। 

दाखलता और डालियों के दृष्टान्त में यीशु अपने शिष्यों को प्रेमपूर्ण चेतावनी देते हैं कि जो मुझ में बना नही रहता वह एक दिन नष्ट हो जाता हैं। 

जैसा हम सभी जानते हैं कि अगर एक डाली पेड़ से अलग हो जाए तो वह धीरे धीरे सूख जाती हैं और सूखने के बाद लोग उन्हें इकट्ठा करके आग में डाल देते हैं और वह जल जाती हैं। इस प्रकार से वह डाली खत्म हो जाती हैं।

कई बार सच्चे विश्वासी अपने विश्वास को त्याग कर मसीह से अलग हो जाते हैं और उसमें बने रहने में विफल हो जाते है।

हम यहा पर एक बुनियादी सिद्धान्त को पाते हैं जो विश्वासी और यीशु के बीच उद्धारकारी सम्बन्ध का हैं।

इस दृष्टान्त में हम तीन महत्वपूर्ण सत्य को सीखते हैं-
◆ यीशु में बने रहने की जिम्मेदारी शिष्यों की हैं।【 यूहन्ना 15:4 】
◆ यीशु में बने रहने का परिणाम यीशु में लगातार आंतरिक उपस्थिति हैं, शिष्यों का फल लाना, प्रार्थना में सफलता और आनन्द की भरपूरी हैं। 【 यूहन्ना 15:4,5,7,11】
◆ यीशु में बने न रहने का परिणाम फल न लाना, यीशु से अलग किया जाना व विनाश हैं। 【 यूहन्ना 15:6 】

कोई भी अगर मसीह से अलग होने की सोचता हैं तो वह इस वचन को ध्यान से पढ़े। मसीह से अलग होकर मैं और आप कुछ भी नही हैं। ऐसे कितने ही लोग हैं जो मसीह से दूर हो गए और आज उनका जीवन कुछ भी नही हैं । शायद आप लोगो ने भी ऐसे लोगो को देखा हो।
मेरे प्रियो हम सभी यीशु पर विश्वास करके जीवन को पाते हैं वो जीवन जो इस पूरे संसार में कोई नहीं दे सकता।

परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।

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Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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