विषय :- यीशु की प्रार्थनाएँ।
लूका 5:16
परन्तु वह जंगलों में अलग जाकर प्रार्थना किया करता था॥
सुसमाचार के अन्य लेखको की अपेक्षा लूका यीशु के जीवन और कार्यो में प्रार्थना के महत्व पर बल देते हैं।
यरदन में जब पवित्र आत्मा यीशु पर उतरा तब वह प्रार्थना कर रहे थे। 【लूका 3:21】
कई बार वह भीड़ से अलग होकर प्रार्थना करते थे। 【 लूका 5:16 】
बारह शिष्यों को चुनने से पहले भी यीशु ने सारी रात प्रार्थना की। 【 लूका 6:12 】
अपने शिष्यों से एक महत्वपूर्ण प्रश्न पूछने से पहले भी वह अकेले में प्रार्थना कर रहे थे। 【 लूका 9:18 】
वह अकेले में प्रार्थना करने गए वहा पर उनका रूपांतरण हुआ। 【 लूका 9:28】
प्रार्थना सिखलाने से पहले भी यीशु प्रार्थना कर रहे थे।【 लूका 11:1】
क्रूस पर भी यीशु ने दूसरे लोगो के लिए प्रार्थना की। 【 लूका 23:24 】
क्रूस पर अंतिम शब्द भी प्रार्थना के थे। 【 लूका 23:46 】
जब हम और सुसमाचार की पुस्तकें पढ़ेंगे तो वहा पर भी पढ़ेंगे की यीशु मसीह ने हर विषय के लिए प्रार्थना की। हम भी अपने जीवन में हर विषय के लिए परमेश्वर के समीप जाना है। और उस से प्रार्थना करना है।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।
प्रार्थना के लिए सम्पर्क करें।
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Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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