विषय:-हनन्याह और सफीरा का दान।

प्रेरितों के काम 5:3
परन्तु पतरस ने कहा; हे हनन्याह! शैतान ने तेरे मन में यह बात क्यों डाली है कि तू पवित्र आत्मा से झूठ बोले, और भूमि के दाम में से कुछ रख छोड़े? 

हनन्याह और सफीरा जो की पति और पत्नी होते हैं। उन्होंने अपनी कुल भूमि में से थोडी भूमि बेची। यह भूमि इसलिए बेची जाती हैं ताकि वह दान दे। 【 प्रेरितों के काम 5:1 】

पद 2 कहता है कि जो भूमि बेची गयी उसमें से कुछ दाम रख छोड़ा।  उसका एक भाग लाकर प्रेरितों के पावों के आगे रख दिया। उसकी पत्नी यह बात जानती थी।

प्रसिद्धि और पहचान पाने के लिए हनन्याह और सफीरा ने अपने दान के बारे में कलीसिया में झूठ बोला। ध्यान दे पवित्र आत्मा से झूठ बोलना परमेश्वर से झूठ बोलना हैं।

दान एक ऐसा विषय हैं जिसको देने से हमारे मनो के बारे में पता चलता हैं। वचन कहता है कि जहाँ तेरा धन होगा वहाँ तेरा मन भी होगा। मत्ती 6:21

और वचन कहता हैं कि या तो हम धन की सेवा कर सकते हैं या परमेश्वर की। मत्ती 6:24

हनन्याह और सफीरा कि मृत्यु, परमेश्वर का उन लोगों के प्रति स्थाई स्वभाव का उदाहरण हैं जो नया जन्म प्राप्त, आत्मा से भरे विश्वासी होने का दावा कर ह्रदय से धोखा देते हैं।

यह वचन हमें बताता है कि हम जो भी दान दे ईमानदारी से दे। क्योकि अगर हम झूठ बोलेंगे तो मनुष्य से नही वरन परमेश्वर से झूठ बोलेंगे।

परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।

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Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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