विषय:- दोष न लगाओ।
मत्ती 7:1
दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए।
हम मनुष्य की आदत हैं कि हमें दूसरे लोगों के विषय मे बात करना पसंद होता हैं और अकसर कई लोग दूसरे लोगो पर दोष लगाने का कारण खोजते रहते हैं। इस वचन में यीशु ने इसी बात को मना किया है। यीशु ने कहा दोष मत लगाओ।
यीशु मसीह दूसरों की आलोचना करने के व्यवहार को गलत बताते हैं। क्योंकि ऐसे लोग अपनी गलातियो या कमियों की ओर ध्यान नही देते हैं। हर विश्वासी को चाहिए कि वह अपने व्यवहार पर ध्यान दे और दूसरे लोगो को जांचना छोड़ दे।
आगे वचन कहता हैं कि हम दूसरों पर दोष न लगाएं ताकि हम पर भी कोई दोष न लगाने पाए। अगर हम दूसरों को दोष लगाने के लिए तैयार हैं तो लोग भी तैयार होंगे आप पर दोष लगाने के लिए।
लूका 6:31
और जैसा तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो।
यह वचन हमे बताता है कि अगर हम चाहते हैं कि लोग हम पर दोष न लगाएं तो पहले हमें दोष लगाने की आदत छोड़नी होगी। क्योकि वचन कहता हैं कि जैसा व्यवहार हम चाहते हैं कि लोग हमारे साथ करे। वैसा पहले हमे आप करना होगा।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
Comments
Post a Comment