विषय:- नया जन्म।
यूहन्ना 3:3
यीशु ने उस को उत्तर दिया; कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं, यदि कोई नये सिरे से न जन्मे तो परमेश्वर का राज्य देख नहीं सकता।
यीशु मसीह इस वचन में एक बहुत ही जरूरी विषय पर शिक्षा दे रहे हैं जो कि मसीह जीवन के लिए बहुत ही जरूरी हैं- नया जन्म।
नए जन्म को आत्मिक जन्म भी कहा जा सकता हैं। आत्मिक जन्म के बिना कोई परमेश्वर के राज्य को नही देख सकता यानी यीशु मसीह के द्वारा उद्धार और अनन्त जीवन पाना।
नया जन्म व्यक्ति का एक रूपांतर हैं। 【 इफिसियों 23-24】और जब ऐसा होता हैं तो हम परमेश्वर की संतान बन जाते हैं और व्यक्ति नया हो जाता हैं, वह पुरूष या स्त्री संसार के सदृश्य नही रहता।
नया जन्म अनिवार्य हैं क्योंकि मसीह से अलग हर व्यक्ति अपने स्वभाव में पापी हैं। परमेश्वर को प्रसन्न करने और आज्ञा पालन करने में असमर्थ। 【 भजन संहिता 51:5 】
नया जन्म उनका होता हैं जो पाप से पश्चात्ताप करते परमेश्वर की ओर फिरते और यीशु मसीह पर प्रभु और उद्धारकर्ता के रूप में अपना विश्वास लाते। 【 मत्ती 3:2 】
नया जन्म में पाप के पुराने जीवन से यीशु मसीह की आज्ञाकारिता में परिवर्तित हैं। जो सच्चा नया जन्म पाए है वे पाप के बंधन से मुक्त किए गए हैं और परमेश्वर की आज्ञा पालन करने और आत्मा की अगुवाई में चलने की आत्मिक इच्छा और स्वभाव को पाते हैं , दूसरे विश्वासियो से प्रेम रखते हैं। तो जिन्होंने नए जन्म को प्राप्त नही किया है वे प्राप्त करे और आशीषित हो।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।
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