विषय:- परमेश्वर के गुण।

हम सभी महान परमेश्वर यहोवा की आराधना और उससे प्रार्थना करने वाले लोग हैं। आज का विषय हैं परमेश्वर के गुण। हम सभी परमेश्वर को कितना जानते हैं?

जब हम योना की पुस्तक पढ़ते हैं तो अध्याय 4 और पद 2 में योना ने कहा मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर हैं और विलम्ब से क्रोध करने वाला करूणानिधान हैं और दुख देने से प्रसन्न नही होता हैं।

योना जानता था कि परमेश्वर का व्यक्तित्व कैसा है। हमें भी पता होना चाहिए कि हमारा परमेश्वर कितना महान परमेश्वर हैं और बाइबल इसके विषय में हमे बताती हैं।

◆ परमेश्वर सर्वव्यापी हैं।
भजन सहिंता 139:7-8
वह एक ही समय में सब स्थानों पर उपस्थित होता हैं भजनकार कहता हैं कि हम चाहे कही भी चले जाएं परमेश्वर वहाँ हैं इसलिए हम उससे भाग नही सकते।
◆ परमेश्वर सर्वज्ञानी हैं।
भजन संहिता 139:1-6
वचन बताता हैं कि वह सब कुछ जानता हैं। वह हमारे कार्यो को तो जानता ही हैं साथ ही हमारे विचारों को भी जानता हैं।
◆ परमेश्वर सर्वशक्तिमान हैं।
मत्ती 19:26
मत्ती की पुस्तक का जब हम यह वचन पढ़ेंगे तो यह बताता हैं कि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता हैं।
◆ परमेश्वर श्रेष्ठ है।
1 तीमुथियुस 6:16
परमेश्वर श्रेष्ठ हैं यानि वह अपनी सृष्टि से भिन्न व स्वतन्त्र हैं। और उसका राज्य और उसकी प्रतिष्ठा महान हैं।
◆ परमेश्वर अनन्त हैं।
भजन संहिता 90:1-2
वह आदिकाल से अनन्तकाल तक हैं। कभी भी ऐसा समय नही रहा न भूत न भविष्य में, जब परमेश्वर का अस्तित्व न था।
◆ परमेश्वर अपरिवर्तनशील हैं।
याकूब 1:17
परमेश्वर कभी नही बदलता उसका वचन स्थिर हैं। परमेश्वर ने जो वादा हमसे किया है वह कभी नही टलेगा।
◆परमेश्वर सिद्ध व पवित्र हैं।
भजन संहिता 145:17
परमेश्वर पूर्णतया पाप रहित व धर्मी हैं।
◆ परमेश्वर त्रिएक हैं।
यशायाह 45:21
परमेश्वर एक ही हैं
◆परमेश्वर भला हैं।
भजन संहिता 25:8
परमेश्वर ने जिस की सृष्टि की वह सब अच्छा था। हम इसी को देख कर बता सकते हैं कि परमेश्वर कितना भला हैं।
◆परमेश्वर प्रेम हैं।
यूहन्ना 3:16
परमेश्वर हमसे प्रेम करता हैं क्योकी उसने हमारे लिए एकलौते पुत्र को दे दिया।
◆ परमेश्वर दयालु और अनुग्रहकारी हैं।
भजन संहिता 103:10
यह वचन बताता हैं कि उसने हमारे पापो के अनुसार हमसे व्यवहार नही किया। बल्कि हम पर दया की।
◆परमेश्वर तरस खाता हैं।
2 राजाओं 13:23
परमेश्वर अपने लोगो पर तरस खाता हैं और इसी कारण से उसने हमें माफ किया।
◆परमेश्वर धीरज धरने वाला और क्रोध करने में धीमा हैं।
निर्गमन 34:6
परमेश्वर धीरज धरता हैं ताकि उसके लोग उसकी ओर फिरे।
◆परमेश्वर सत्य हैं।
भजन संहिता 31:5
यीशु ने स्वयं को सत्य कहा। परमेश्वर पर हम भरोसा कर सकते हैं।
◆ परमेश्वर विश्वासयोग्य हैं।
व्यवस्थाविवरण 7:9
परमेश्वर विश्वास योग्य हैं उनके लिए जो उसकी आज्ञाओं को मानता हैं।
◆ अंत मे परमेश्वर न्यायी हैं।
यूहन्ना 3:36
बाइबल साफ कहती हैं कि परमेश्वर अंत में न्याय करेगा और जो आज्ञाएँ बाइबल बताती हैं अगर  हम उस पर नही चल रहे हैं तो हम परमेश्वर के क्रोध को भी जान ले।

परमेश्वर का अंतिम प्रकटीकरण यीशु मसीह हैं। दूसरे शब्दों में अगर हम परमेश्वर के व्यक्तित्व को और अच्छे से जानना चाहते हैं तो हमे यीशु मसीह को देखना चाहिए।
यूहन्ना 1:18

परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।

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Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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