विषय:- परमेश्वर का वचन
संहिता 119:105
तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है।
दाऊद ने इस वचन में कहा कि परमेश्वर का वचन उसके लिए क्या है हम सभी रोज वचन पढ़ते हैं लेकिन क्या हमने सोचा है कि परमेश्वर का वचन हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण हैं।
दाऊद कहता हैं कि परमेश्वर का वचन उसके जीवन मे ऐसा है जैसे एक मार्ग के लिए उजियाला और पांव के लिए दीपक हो।
हम इस बात को याद रखे कि परमेश्वर का वचन हमारे लिए आत्मिक सिद्धान्त हैं जो हमारी सहायता करता हैं। हर एक परिस्थिति में उसका वचन हमारी सहायता करता हैं।
हमारी परिस्थितियाँ विपरीत हो सकती हैं हमारे लिए आर्थिक परेशानी हो सकती हैं हमें चंगाई की जरूरत हो सकती है। हम शोक में हो सकते हैं। हमें शायद ना पता हो कि क्या करे। लेकिन जब हम वचन में बने रहते हैं तो वही वचन हमारे लिए हमारी ढाल बन जाती हैं। और हमारी अगुवाई करती हैं।
हमे परमेश्वर का वचन बताता हैं कि हमे अपने जीवन में क्या निर्णय लेना है। वो हमारे जीवन के मार्गो के लिए एक उजियाले की नाई हैं।
नीतिवचन 6:23
आज्ञा तो दीपक है और शिक्षा ज्योति, और सिखाने वाले की डांट जीवन का मार्ग है,
यह वचन हमे बताता हैं की आज्ञा दीपक हैं और शिक्षा ज्योति । अगर हम अपने जीवन मे परमेश्वर के उजियाले को पाना चाहते हैं तो आज्ञा को माने और शिक्षा पर चले। और कलीसिया में पास्टर और लीडर जो भी बाइबल से सिखाते हैं उसे सीखे। जब हम ऐसा करेंगे तो हमे क्या करना है वो हमें पता होगा।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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