विषय:-जीभ का उपयोग।
नीतिवचन 18:21
जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा।
बाइबल हमें बोलने के विषय में शिक्षा देती हैं कि हमें अपनी जीभ का उपयोग कब और कैसे करना है।
बाइबल हमें बताती हैं कि जीभ जो की शरीर का ही एक अंग हैं बहुत ही बल रखता हैं। इसके वश में मृत्यु और जीवन दोनो हैं।
हम सभी को बातें करना अक्सर बहुत अच्छा लगता है। लेकिन क्या हमने कभी ध्यान दिया कि हम क्या बातें करते हैं और उसका मतलब क्या होगा।
हम मसीह लोग अपने ही मुख से प्रार्थना करते हैं और इसी से प्रभु की स्तुति करते हैं और इसी हम दूसरे लोगो के लिए प्रार्थना भी करते हैं। हम कह सकते हैं कि लोगो की आशीष का कारण बनते हैं हम।
लेकिन हम इसी मुख से जो कि परमेश्वर के स्वरूप में बनाये गए हैं श्राप देते हैं( याकूब 3:9)
हम सभी का अनुभव रहा होगा कि घर के बच्चों को उनके माता पिता श्राप देते हैं और कई बार घर के बच्चे अपने माता पिता को।
अगर हम अपने जीवन में आशीष चाहते हैं तो हमे चाहिए कि हम अपने मुख की चौकसी करे। जैसे वचन कहता हैं कि जो जीभ को काम मे लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा इसीलिए हम अपने मुँह से आशीष देने वाली बातों को कहे अगर हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे आशीषित हो तो आज से ही उन्हें आशीष देना शुरू करे। जो भी विषय के लिए आप चिंतित हैं उन विषय मे आशीष को बोलिये और आपके जीवन मे परमेश्वर कि ओर से आशीष आ जायेगी।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया
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