विषय:- आत्मा का फल।
गलातियों 5:22-23
पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं।
एक अच्छे विश्वासी को चाहिए कि उसके अंदर आत्मा के फल पाए जाए। बाइबल हमे आत्मा के 9 फलों के बारे में बताती हैं। आत्मा के फल उनके जीवन मे पाए जाते हैं जो कि परमेश्वर कि सन्तान हैं। जब आत्मा उनके जीवन को नियंत्रित और प्रभावित करता हैं तब वे पाप की शक्ति, विशेषकर शरीर के कामों को नष्ट कर देते हैं तथा परमेश्वर की संगति मे चलते हैं।【 रोमियों 8:5-14 】
◆ प्रेम- दूसरों की चिंता करना, बिना व्यक्तिगत लाभ के दूसरों का भला चाहना। 【 इफिसियों 5:2】
◆ आनन्द- प्रसन्नता की वह अनुभूति जो परमेश्वर के प्रेम, अनुग्रह, आशीष, प्रतिज्ञा, और समीपता पर आधारित हैं। और मसीह पर विश्वास करने वालो को प्राप्त होती हैं। 【 भजन संहिता 119:16 】
◆शांति- मन और ह्रदय की शांति हमें तब मिलती हैं जब हम परमेश्वर के साथ मजबूत रिश्ते में होते है।【 इब्रानियों 13:20 】
◆धीरज- धीरज यानी क्रोध करने में विलम्ब करने वाला। और हमारा स्वभाव ऐसा होना चाहिए। 【 इफिसियों 4:2 】
◆कृपा- हमें एक दूसरे की गलतियों को माफ करने वाला होना चाहिए। जैसा मसीह ने किया। 【इफिसियों 4:32】
◆ भलाई- भलाई दया के कामो के द्वारा प्रकट की जा सकती हैं। 【 लूका 7:37-50 】
◆ विश्वास- हम सभी विश्वासी हैं और हम विश्वास करते हैं कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को हमारे लिए दे दिया 【 यूहन्ना 3:16 】
◆ नम्रता- ऐसे समय मे गुस्सा न करना जब हमारे पास जवाब हो देने के लिए। यीशु मसीह को हम देख सकते हैं।
◆ संयम- हम अपनी इच्छाओं को अपने वश में रखते हैं तो हम एक संयमी व्यक्ति हैं। 【 1 कुरुन्थियो 9:25】
परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।
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