विषय:- हमारी लड़ाई के हथियार

2 कुरिन्थियों 10:4
क्योंकि हमारी लड़ाई के हथियार शारीरिक नहीं, पर गढ़ों को ढा देने के लिये परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं। 

वचन बताता हैं कि हमारा मलयुद्ध किसी व्यक्ति से नही है। बल्कि दुष्टता की आत्मिक सेनाओ से है ( इफिसियों 6:12)। इसलिए हमारे हथियार भी शारीरिक नही होने चाहिए।
हम अपनी योग्यता, धन, संचालन की निपुणता, प्रतिभा एवं सांसारिक हथियार से शैतान के गढ़ो को नही ढा सकते हैं।

हम सिर्फ उन्हीं हथियारों से सामना कर सकते हैं जो कि परमेश्वर की ओर से है। जो हथियार परमेश्वर की ओर से मिलते हैं वह सामर्थी हैं और आत्मिक हैं।

इन आत्मिक हथियारों की सूची हमे इफिसियों की पुस्तक में मिलेगी। इफिसियों 6: 14-18
◆ सत्य
◆ धार्मिकता की झिलम
◆ सुसमाचार की घोषणा
◆ विश्वास की ढाल
◆ उद्धार का टोप
◆ आत्मा की तलवार
◆परमेश्वर का वचन
◆ प्रार्थना में दृढ़ता

जब हम इन हथियारों का प्रयोग करेंगे तो कलीसिया और हम जयवंत होगे। इस तरह से परमेश्वर की उपस्थिति और उसका राज्य प्रकट होगा।

परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।

Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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