विषय:-परमेश्वर से किये हुए वादे को पूरा करना।

हम अकसर परमेश्वर के समीप जाकर उससे प्रार्थना करते है आज हम ऐसे ही एक विषय को देखेंगे।
आज हम हन्ना की प्रार्थना को देखेंगे उसके शब्दो को देखेंगे कि वह परमेश्वर से क्या कह रही हैं।
1 शमूएल 1:10-11
10 और यह मन में व्याकुल हो कर यहोवा से प्रार्थना करने और बिलख बिलखकर रोने लगी।
11 और उसने यह मन्नत मानी, कि हे सेनाओं के यहोवा, यदि तू अपनी दासी के दु:ख पर सचमुच दृष्टि करे, और मेरी सुधि ले, और अपनी दासी को भूल न जाए, और अपनी दासी को पुत्र दे, तो मैं उसे उसके जीवन भर के लिये यहोवा को अर्पण करूंगी, और उसके सिर पर छुरा फिरने न पाएगा।

हन्ना के कोई पुत्र नही था वह परमेश्वर से प्रार्थना करती हैं कि अगर प्रभु उसकी सुधि ले उसको सन्तान दे तो वह उस पुत्र को जीवन भर के लिए यहोवा को अर्पण करेगी।

आज के समय मे हम बहुत सारे विषय के लिए प्रार्थना करते हैं लेकिन हमारी प्रार्थना किस प्रकार है हम क्या कहते हैं प्रार्थना करते समय, क्या हम ऐसी प्रार्थना करते हैं जिसमे हम सिर्फ पाने के बारे में सोचते रहते हैं।
हन्ना के पास सन्तान नही थी और जब वह परमेश्वर से कहती हैं कि उसे संतान चाहिए तो वह कुछ और भी कहती हैं कि वह उसे यहोवा को दे देगी आज के समय मे कौन ऐसा है जिसके पास एक ही हो और वह परमेश्वर के लिए दे दे , वह कुछ भी हो सकता हैं, हो सकता हैं वो आपका एकलौता सन्तान हो या हो सकता है वह आपका घर हो, या कुछ भी हो सकता हैं जो आप परमेश्वर से माँगते हैं। 
कई लोग इस विषय मे अच्छे हैं वह कहते हैं जब आप मेरे लिए इस बात को करेंगे तो मै ये करूँगा। 
1 शमूएल 1:28
28 इसी लिये मैं भी उसे यहोवा को अर्पण कर देती हूं; कि यह अपने जीवन भर यहोवा ही का बना रहे। तब उसने वहीं यहोवा को दण्डवत किया।

यहाँ पर हन्ना अपने उस पुत्र को जिसे परमेश्वर ने दिया यहोवा को अर्पण कर दिया।

जब हम परमेश्वर से प्रार्थना करे तो हमारी प्रार्थना कैसी हैं हमे ध्यान करने की जरूरत हैं और जब हम परमेश्वर से वादा करे तो जब हमें परमेश्वर आशीष करे तो उस वादे को पूरा भी करे।

परमेश्वर आप सभी को आशीष करें
सभी को जय मसीह की।
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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