विषय:- परमेश्वर हमें मौका देता हैं कि हम अपनी गलती को माने।
जब आदम ओर हव्वा की सृष्टि हुई तो उससे पहले परमेश्वर ने सृष्टि को बनाया और उस पर अधिकार दिया।
और परमेश्वर ने कहा कि तू कुछ भी खा सकता है पर भले और बुरे के ज्ञान का जो पेड़ हैं उसका फल मत खाना।【 उत्पत्ति 2:17】
जब हम परमेश्वर से बात करते हैं तो परमेश्वर भी हमे ऐसी बातों को करने के लिए मना करता हैं जो हमारे लिए बुरी हैं।जिससे हमें हानि हो सकती हैं।जैसे कि आदम और हव्वा को बोला गया था।
पर परमेश्वर के मना करने के बाद भी वो फल पहले हव्वा ने फिर आदम ने खा लिया। खाने के बाद उसकी आंखें खुल जाती हैं और उन्हें पता चलता है कि वो दोनों बिना कपड़े के है।
जब परमेश्वर आते हैं और उनका शब्द दोनों को सुनाई देता हैं तो वह परमेश्वर से छुप जाते है और परमेश्वर ने पुकारकर कहा कि तू कहाँ हैं।
हम सभी को पता है कि परमेश्वर सारी बातो को जानता है वह जानता है कि हम क्या कर रहे हैं क्या सोच रहे हैं
जब परमेश्वर ने आदम को पुकारा तब भी वह जानता था। पर फिर भी परमेश्वर ने पुकारा क्योकि वह चाहते थे कि वह बोले कि मुझसे गलती हुई हैं।
क्योकि हम सभी मनुष्य है तो हमसे गलती हो सकती हैं पर अगर गलती हुई हैं तो हमे परमेश्वर से छुपने की जरूरत नही है हम अंगीकार करे कि हमसे भूल हुई हैं और परमेश्वर हमे फिर से नया करेगा।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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