विषय:- अपने शत्रुओं से प्रेम रखो।

लूका 6:27
परन्तु मैं तुम सुनने वालों से कहता हूं, कि अपने शत्रुओं से प्रेम रखो; जो तुम से बैर करें, उन का भला करो।

पद 27 में यीशु बताते हैं कि हमे अपने शत्रुओं से कैसा व्यवहार करना चाहिए।
यीशु मसीह कहते हैं कि अपने शत्रुओं से प्रेम रखो।
अपने शत्रुओं से प्रेम रखने का मतलब यह नही है कि हम उनके गलत बातो में सहभागी हो। या उन्हे पसंद करें बल्कि हम मसीह लोगो को चाहिए कि हम उनके लिए प्रार्थना करे।

क्योंकि हम सभी जानते हैं कि जो मसीह लोगो के विरोधी हैं उनका अंत बहुत भयंकर हैं। इसलिए हमें उनके लिए प्रार्थना करनी चाहिए। दुष्टता के बदले भलाई करनी चाहिए। ताकि वे यीशु के पास आए और सुसमाचार पर विश्वास लाएं।

नीतिवचन 24:29
मत कह, कि जैसा उस ने मेरे साथ किया वैसा ही मैं भी उसके साथ करूंगा; और उस को उसके काम के अनुसार पलटा दूंगा॥ 
यह वचन हमे बताता हैं कि अगर हमारे साथ कोई गलत कर रहा है तो हम यह ना कहे कि मै भी उसके साथ वैसा ही करूँगा। 

अपने शत्रुओं से प्रेम रखने का मतलब यह भी नही की हम चुप हो जाये। जब आवश्यक हो, दुसरो की भलाई ओर दुसरो की सुरक्षा के लिए तो हमें अपने जीवन में कठोर कदम भी उठाने चाहिए। और वो कदम परमेश्वर की ओर होना चाहिए।

परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।

Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

Comments

Popular posts from this blog

विषय:- आराधना।