विषय:-परमेश्वर की आज्ञा मानने का दृढ़ निश्चय।
#उत्पत्ति 39:12
तब उस स्त्री ने उसका वस्त्र पकड़कर कहा, मेरे साथ सो, पर वह अपना वस्त्र उसके हाथ में छोड़कर भागा, और बाहर निकल गया।
यूसुफ परमेश्वर के प्रति विश्वासयोग्य था। साथ ही वह पोतीपर के प्रति भी विश्वासयोग्य था। जब परमेश्वर के द्वारा वह पोतीपर के पास पहुँचा तो उसने देखा कि परमेश्वर उसके साथ है और जो भी काम वह करता है यहोवा उसको सफल करता हैं,तो पोतीपर ने उसे अपने घर का अधिकारी बना कर सब कुछ उसे सौप दिया।
परमेश्वर ने यूसुफ के कारण उस अधिकारी को बहुतायत से आशीष दी। जब हम 39 अध्याय का 6 पद पढ़ते हैं तो उसमें लिखा है कि वह सुंदर व रूपवान था। 12 पद बताया हैं कि जब पोतीपर की पत्नी उसको कहती हैं कि मेरे साथ सो, तो वह वहाँ से भाग गया।
जब यूसुफ के सामने ऐसा मौका आया कि वह पाप करे तो वह भाग जाता है वहा से क्योकि उसने पहले से ही अपने मन मे यह बात ठान ली थी कि वह पाप नही करेगा। और परमेश्वर के प्रति विश्वासयोग्य रहेगा।【 पद 9】
इसी तरह से हमे भी पक्का निर्णय कर लेना चाहिए कि हम परमेश्वर के विरुद्ध पाप नही करेंगे। अगर हमारा उद्देश्य होगा अगर हमने अपने आप को तैयार किया है तो इसमें कामयाब होंगे।
#उत्पत्ति 39:21
यहोवा उसके साथ था।
अध्याय 39 में 4 बार कहा गया है कि प्रभु यूसुफ के साथ था। 【 पद 2,3,21,23 】
यूसुफ परमेश्वर का आदर करता था इसलिए परमेश्वर उसके साथ साथ था।
इसलिए हम अपने आप को तैयार करे कि हम परमेश्वर के विरुद्ध पाप नही करेंगे। उसके प्रति विश्वासयोग्य रहेंगे। जब हम ऐसा करेंगे तो हम इस बात को महसूस कर पाएंगे कि परमेश्वर हमारे साथ है। और वचन कहता है कि यहोवा उनके मार्गो को सीधा करेगा।
नीतिवचन 3:6
उसी को स्मरण करके सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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