विषय:- अपने आप को परमेश्वर को देना

रोमियो 12:1
इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। 

हम सभी जब मसीह में आए तो उन बातों को उस दया को याद कीजिये जो प्रभु ने आपके लिए किया हैं। जो आशीषें प्रभु ने आपको दी हैं।

यहाँ पर वचन कहता है कि हम उस दया को याद करे और परमेश्वर के कार्य को करे। अपने शरीर को जीवित और पवित्र और प्रभु को भावता हुआ बलिदान करें। हम सभी जानते हैं कि बलिदान के बाद उसमे प्राण नही रहता लेकिन परमेश्वर चाहता हैं कि हम पृथ्वी पर रहते हुए उसकी महिमा करें। उसे प्रसन्न करें।

विश्वासी जन परमेश्वर को तभी प्रसन्न कर सकता हैं जब वह उसकी स्तुति करें और अपने आप को परमेश्वर के कार्य के लिए बलिदान करें।

अब कई लोग सोचते हैं कि क्या करे। लेकिन यही वचन कहता हैं कि हम पवित्रता का जीवन बिताए।और ऐसा जीवन जिए जो परमेश्वर को पसंद हो।

जब हम वो जीवन जियेंगे जो परमेश्वर को पसंद हैं तो परमेश्वर हमारे द्वारा जो कार्य चाहता हैं वह हमें बताएगा।

परमेश्वर आप सभी को बहुतायत से आशीष दे।
सभी को जय मसीह की

Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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