विषय :- सम्पूर्ण मन
तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना।
उसी को स्मरण करके सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
नीतिवचन 3:5-6
जैसे यूसुफ को परमेश्वर ने एक दर्शन दिया जिसके कारण उस पर परेशानियाँ आई, उसे बेचा गया, वो मारा पीटा गया लोगो ने इल्ज़ाम लगाया, उसे जेल में डाल दिया गया परन्तु वह पूरी ईमानदारी से परमेश्वर के पीछे चलता रहा और अंत मे ऊंचे पद पर पहुंचा
आज के नीतिवचन में यह वचन हम सभी के लिए बहुत ही उपयोगी हैं क्योंकि हम कुछ भी करते हैं हम उसे बहुत अच्छा करना चाहते हैं हम चाहते हैं कि हमारे किए हुए काम मे आशीष हो वह फलवन्त हो।
अगर हम ऐसा चाहते हैं तो सबसे पहले हमें पूरे मन से परमेश्वर पर भरोसा रखने की जरूरत हैं। जैसा कि वचन कहता हैं कि तू अपनी समझ का सहारा ना लेना। हम अधिकतर यही गलती करते हैं, हम बहुत अच्छा और परफेक्ट करने की जल्दी में यह भूल जाते हैं कि हमारा आधार हमारा परमेश्वर हैं। जब हम परमेश्वर को अपना आधार मानते हैं तो हमे उसकी सुनना हैं कि वह हमसे क्या कहना चाहता हैं और जब हम उसकी सुन कर फिर अपने काम को करेंगे तो वह अपने वचन के अनुसार हमारे लिए सीधे मार्ग को निकालेगा। जैसा उसने यूसुफ के लिए किया हम देखेंगे कि वो काम जिसके लिए संसार इतने प्रयास करती हैं वो हमारे लिए ऐसे ही हो जाएंगे।
खरे मनुष्य पर दृष्टि कर धर्मी को देख क्योंकि मेल से रहने वाले पुरूष का अंत फल अच्छा है
भ.से.37:37
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।
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