विषय:- आशीष
लूका 24:50
तब वह उन्हें बैतनिय्याह तक बाहर ले गया, और अपने हाथ उठाकर उन्हें आशीष दी।
जब प्रभु यीशु मसीह स्वर्ग में उठाएं जाने वाले थे तो उससे पहले यीशु मसीह ने अपने चेलों को आशीष दी। हमारे जीवन मे आशीष बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि हमारे जीवन मे आशीष नही है मतलब हम अपने मन की कर रहे हैं, हम परमेश्वर की नही सुनते और उसके वचन में नही बने हैं।
आशीष क्या है???
★ आशीष परमेश्वर के द्वारा मिला वो उपहार हैं जिससे हमारे कार्यो में सफलता प्राप्त होती हैं।
【 व्यवस्थाविवरण 28:12】
★हमारे जीवन मे आशीष होने का मतलब है कि हम निश्चिन्त है और परमेश्वर की उपस्थिति में हैं।
【उत्पत्ति 26:3】
★परमेश्वर ने हमारे जीवन में अपने बल, सामर्थ और सहायता को दिया।
【इफिसियों 3:16, कुलुस्सियो 1:11】
बाइबल में परमेश्वर ने पहली बार आशीष दी।
【उत्पत्ति 1:28】
परमेश्वर की आशीषें शर्तो पर आधारित हैं। परमेश्वर के लोगो को चुनाव करना होता हैं कि वह या तो आज्ञाकारिता के द्वारा आशीष पाए या तो अनाज्ञाकारिता के द्वारा श्रापों को।
【व्यवस्थाविवरण 30:15-18, यिर्मयाह 17:5,7】
परमेश्वर आपको आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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