विषय:-यदि मैं प्रेम ना रखू तो कुछ भी नही
1 कुरिन्थियों 13:1-2
यदि मैं मनुष्यों, और सवर्गदूतों की बोलियां बोलूं, और प्रेम न रखूं, तो मैं ठनठनाता हुआ पीतल, और झंझनाती हुई झांझ हूं।
और यदि मैं भविष्यद्वाणी कर सकूं, और सब भेदों और सब प्रकार के ज्ञान को समझूं, और मुझे यहां तक पूरा विश्वास हो, कि मैं पहाड़ों को हटा दूं, परन्तु प्रेम न रखूं, तो मैं कुछ भी नहीं।
इस वचन में पौलुस कह रहा है कि हम कुछ भी करते हो कितने भी बड़े और अमीर व्यक्ति हो लेकिन अगर हम प्रेम नही रखते तो हम कुछ भी नही हैं।
यहाँ पर साफ शब्दों में कहा गया हैं कि प्रेम के बिना आत्मिक वरदान कुछ भी नही हैं।
वचन कहता है प्रेम का अनुकरण करो और आत्मिक वरदानों की धुन में रहो 【 1कुरिन्थियों 14:1 】
अगर हम 13 अध्याय को पूरा पड़ेंगे तो लिखा है कि हम अन्य भाषा मे बोलते हैं, भविष्यवाणी करते हैं सब प्रकार के ज्ञान को समझते हैं हमें विश्वास हैं कि जो प्रार्थना करते हैं वो सुनी जाएंगी लेकिन अगर हम प्रेम नही रखते तो कुछ भी नही हैं।
इसलिए हम लोगो के बीच मे परमेश्वर के प्रेम को प्रकट करे। क्योकि परमेश्वर ने हम से प्रेम रखा।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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