विषय:- राजाओ पर अधिकारी,महान परमेश्वर यहोवा।
नीतिवचन 21:1
राजा का मन नालियों के जल की नाईं यहोवा के हाथ में रहता है, जिधर वह चाहता उधर उस को फेर देता है।
वचन कहता है कि राजा का मन यानी हमारे अधिकारियों का मन परमेश्वर के हाथ में होता हैं। हम कई बार अपने से बड़े पद के व्यक्ति के लिए कुछ ना कुछ बोलते रहते हैं। शायद वो हमारे मन के अनुसार नही होते या उनके काम हमे पसंद नही आते हैं।
लेकिन वचन कहता है कि वो सभी अधिकारी जो कि हमारे जीवन मे हैं उनका मन परमेश्वर के हाथ मे हैं।
इस पद का अर्थ यह नही है कि किसी राष्ट्र के शासक या बड़े पद के व्यक्ति की प्रत्येक इच्छा और कार्य की प्रेरणा सीधे परमेश्वर से आती हैं। निश्चित रूप से परमेश्वर शासको द्वारा की जाने वाली दुष्टता का जिम्मेदार नही होता।【 याकूब 1:13-15 】
परन्तु संसार के शासको पर अंतिम अधिकार परमेश्वर का ही होता हैं।
इसलिए जब हम देखे की हमारा कोई अधिकारी कुछ गलत कर रहा है तो हम दोष देने की बजाय उन लोगो के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करे और परमेश्वर वचन के अनुसार उन लोगो का मन बदलेगा।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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