विषय:- परमेश्वर का चुनाव

हम बाईबल पढ़ते समय एक विषय को हमेशा देखने को पाते हैं कि हमे परमेश्वर ने चुना अपने कार्य के लिए। #यूहन्ना 15:16 तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जाकर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे। 
हम में से हर एक को परमेश्वर ने चुना है ताकि हम उसके कार्य को करे। अब हो सकता हैं हमने अपने समय को परमेश्वर के कार्य के लिए दिया हो या हो सकता हैं कि हम चर्च में आर्थिक रूप से सहभागी हो या हम कोई दूसरा कार्य अच्छा कर सकते हैं जिसके द्वारा परमेश्वर की महिमा हो और उसके द्वारा हम चर्च के कार्य मे सहभागी हो। अतः हम किसी ना किसी प्रकार से परमेश्वर के काम को कर रहे हैं।
हम सभी जानते हैं कि परमेश्वर ने हमे अलग अलग काम के लिए नियुक्त किया हैं।

अगर हम 1कुरिन्थियो 12: 27-28 वचन को देखे 【इसी प्रकार तुम सब मिल कर मसीह की देह हो, और अलग अलग उसके अंग हो। और परमेश्वर ने कलीसिया में अलग अलग व्यक्ति नियुक्त किए हैं; प्रथम प्रेरित, दूसरे भविष्यद्वक्ता, तीसरे शिक्षक, फिर सामर्थ के काम करने वाले, फिर चंगा करने वाले, और उपकार करने वाले, और प्रधान, और नाना प्रकार की भाषा बोलने वाले।】  तो उसमें बहुत सारे कार्य के बारे में बताया गया है

आज हम सभी को अपने आप को जाचने की जरूरत है कि जो कार्य हमे परमेश्वर ने दिया है वो हम कर रहे हैं या नही।
 या फिर हम अपाहिज अंग की तरह हो गए हैं। जो किसी काम के नही हैं।
अगर हम ऐसे हो गए हैं तो हमे इस विषय के लिए प्रार्थना करने की जरूरत है।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह 

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