विषय:- शरणस्थान व बल
भजन संहिता 46:1-2
परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।
इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
समय समय पर हमारे जीवन मे परेशानियाँ आती रहती हैं और हम महसूस करते हैं कि अब शायद कुछ भी नही हो सकता हैं। लेकिन ऐसा नहीं है वचन बताता है कि परमेश्वर हमारा शरणस्थान हैं और बल भी। जब हम निर्बल हैं तो परमेश्वर अपने बल को हमारे जीवन मे देता हैं।
यह भजन बताता है परमेश्वर पर भरोसे और आत्मविश्वास को, जब हम अस्थिरता व असुरक्षा को अनुभव कर रहे हैं।
वचन बताता है कि परमेश्वर हमे संकट के समय मे बहुत ही आसानी से मिलने वाला परमेश्वर हैं जो कि हमारा सहायक है। हमारा परमेश्वर हमारे लिए उपलब्ध हैं ओर संकट के समय हम उसे पुकार सकते हैं। 【 इब्रानियों 4:16 】
वह किसी भी परिस्थिति में पर्याप्त है तथा हमे कभी नही छोड़ता, इसलिए हमें डरने की आवयश्कता नही हैं।
और क्योकि वो हमारा सहायक है इसलिए हमें किसी भी विषय मे कोई भय नही चाहे पृथ्वी उलट जाए और चाहे पहाड़ समुद्र के बीच मे डाल दिया जाए।
इस लॉक डाउन में कई लोग बहुत डरे हुए हैं लेकिन आप इन दो वचनों को पढ़िए चाहे इस संसार मे कुछ भी हो जाए परमेश्वर हमे सुरक्षित रखेगा और क्योकि हम उसकी शरण मे पाए जाते हैं।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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