विषय:- जीवते परमेश्वर का मैं प्यासा हूँ।
#भजन संहिता 42:1-2
1 जैसे हरिणी नदी के जल के लिये हांफती है, वैसे ही, हे परमेश्वर, मैं तेरे लिये हांफता हूँ।
2 जीवते ईश्वर परमेश्वर का मैं प्यासा हूं, मैं कब जाकर परमेश्वर को अपना मुंह दिखाऊंगा?
इस वचन में दाऊद कहता है कि जिस तरह से एक हरिणी नदी के जल को पाने के लिये हांफती हैं उसी तरह मै परमेश्वर के लिए हांफता हूँ। मैं परमेश्वर के लिए प्यासा हूँ।
मेरे प्रियो जिस तरह शरीर के लिए पानी जरूरी हैं उसी तरह परमेश्वर और उसकी उपस्थिति जरूरी हैं हमारे जीवन में, ताकि हमारा जीवन सन्तुष्ट निश्चिंत व पूर्ण हो सके। एक विश्वासी परमेश्वर और उसके अनुग्रह को पाने के लिए भूखे व प्यासे होंगे।
जो व्यक्ति परमेश्वर के लिए प्यासा नही है वह आत्मिक रीति से मर चुका है इसलिए हम उस सभी बातों को छोड़े जिससे कि हम परमेश्वर से दूर जा रहे हैं। हम सांसारिक बातो की खोज में ना जाए।
#मत्ती 6:33
इसलिये पहिले तुम परमेश्वर के राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
हम जिन बातों की अभिलाषा करते हैं या हमारी मनोरथ इन सब को परमेश्वर ऐसे ही पूरी कर देगा लेकिन पहले उसके वचन के अनुसार परमेश्वर के राज्य और धर्म की खोज करे उसके लिए प्यासे हो।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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