विषय:- स्तुति।

भजन संहिता 9:1-2
हे यहोवा परमेश्वर मैं अपने पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा; मैं तेरे सब आश्चर्य कर्मों का वर्णन करूंगा। 
मैं तेरे कारण आनन्दित और प्रफुल्लित होऊंगा, हे परमप्रधान, मैं तेरे नाम का भजन गाऊंगा।

यहाँ पर भजनकार  कह रहा है कि मैं पूरे मन से तेरा धन्यवाद करूँगा। प्रत्येक विश्वासी को चाहिए कि वह अपने पूरे ह्रदय से प्रभु को धन्यवाद करे। और उसकी स्तुति करे। परमेश्वर ने आपके जीवन मे क्या आश्चर्यकर्म किए वो लोगो को बताए। क्योकि परमेश्वर ने हमारे जीवन में कार्य किया है इसलिए आनन्द और ख़ुशी के साथ उसकी स्तुति करे।

स्तुति का विषय बहुत ही खूबसूरत हैं। बाइबल हमे बार बार प्रभु की स्तुति करने की शिक्षा देता हैं।
खुद यीशु मसीह ने स्वर्गीय पिता की स्तुति की
【 मरकुस 11:25 】

हम परमेश्वर की स्तुति क्यो करे???
स्तुति करने के बहुत से कारण हैं
पहला स्वभाविक कारण हैं कि उसने अपने शब्द से स्वर्ग व पृथ्वी को बनाया।
परमेश्वर का महान कार्य का अनुभव करना, विशेषकर उसके उद्धार व छुटकारे का कार्य।
हम भी परमेश्वर की स्तुति करते हैं कि उसने हमारे जीवन मे छुटकारे को दिया, रोगों से चंगाई पाई इत्यादि
क्योकि परमेश्वर हमारी रक्षा व देखरेख करता हैं दिन प्रतिदिन हमें शारीरिक मानसिक व आत्मिक बल देता हैं इसलिए हम उसको धन्यवाद दे।

हमारे पास स्तुति के इतने कारण है कि हम अगर उसकी लिस्ट बनाना शुरू करेंगे तो हम थक जाएंगे पर इतने सारे विषय को आप लिख नही पाएंगे। इसलिए आज ही से हम परमेश्वर के किए हुए कार्य के कारण परमेश्वर की स्तुति करे। उसकी स्तुति करे क्योकि वो भला हैं और उसकी करुणा सदा की हैं अपने घर मे अपने बच्चों को बताए परमेश्वर ने आपके जीवन मे क्या कार्य किया हैं। अपने बड़ो को बताए और हर एक उस व्यक्ति से बोले जिन्हें आप जानते हैं आप देखेंगे कि आप के पास और भी कारण आ जाएंगे स्तुति करने के लिए।

परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।

Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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