विषय:- समर्पण (आप कितने समर्पित है परमेश्वर के लिए)
जब हमें परमेश्वर अपने कार्य के लिए बुलाता हैं तो हो सकता हैं कि उस कार्य मे हम निपुण ना हो। हो सकता है उसने हमे आराधना करने के लिए बुलाया हो और हमे गीत गाना नही आता। हो सकता हैं उसने हमें प्रचार के कार्य के लिए बुलाया हो लेकिन हम बोलने में अच्छे ना हों। या कोई भी काम जो आपको नही आता।
#निर्गमन 3:10
परमेश्वर ने जब मूसा को कहा कि मै तुझे फिरौन के पास भेजता हूँ कि तू मेरी इस्त्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए।
जब परमेश्वर ने मूसा को इस कार्य के लिए चुना तो वह बहुत सारे प्रश्न पूछने लगता हैं कि वह क्या करेगा। कैसे करेगा। और मूसा परमेश्वर से बोलता हैं
#निर्गमन 4:1
तब मूसा ने उत्तर दिया , वे मेरा विश्वास नही करेंगे और न मेरी सुनेंगे, वरन कहेंगे, यहोवा ने तुझ को दर्शन नही दिया।
मूसा बहुत सारी बाते परमेश्वर को बोलता हैं उसे ऐसा लगता ही नही की वह यह सब कर पायेगा
जब परमेश्वर हमे कार्य देता है तो हो सकता है ऐसे ही बहुत सारे प्रश्न हम भी सोचते होंगे कि मुझे ये सब तो आता ही नही ये कैसे होगा। पर हम सभी ने मूसा के बारे में पढा हैं कि उसके द्वारा कितने अदभुत कार्य परमेश्वर ने किए
#निर्गमन 4:10
मूसा ने यहोवा से कहा, हे मेरे प्रभु, मैं बोलने में निपुण नहीं, न तो पहिले था, और न जब से तू अपने दास से बातें करने लगा; मैं तो मुंह और जीभ का भद्दा हूं।
आखिर में वह परमेश्वर से बोलता हैं कि प्रभु मैं अच्छा नही बोल पाता हूँ। जब हम12 और13 वचन पढ़ते हैं तो वहां परमेश्वर मूसा को बोलते हैं कि वह उसे सिखलाते जाएंगे और उसके साथ मे परमेश्वर ने मूसा के लिए हारून को रखा।
परमेश्वर के लोगो परमेश्वर के राज्य में यह महत्वपूर्ण नही है कि आप कितने ज्यादा निपुण हैं बल्कि यह ज्यादा जरूरी हैं कि आप कितने समर्पित हैं बाकी सब बातों को आप परमेश्वर पर छोड़ दीजिए जब परमेश्वर ने आपको चुना तो वह जानता है हमारे बारे में और हमारे लिए परमेश्वर ऐसे लोगो को रखेगा जिन लोगो के बारे में हमने सोचा भी नही होगा।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली
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