विषय:- कलीसिया के लोगो का एक मन।
हम सभी कलीसिया में अकसर मिलते रहते हैं और एक दूसरे के लिए प्रार्थना करते रहते हैं। लेकिन हम सभी कलीसिया में कुछ समय से lockdown की वजह से नही मिल पा रहे हैं। जिसकी वजह से हम कई लोगो से जुड़े हुए नही हैं। हमें नही पता कि वो विश्वासी अपने घरों में ठीक है या नहीं ऐसी स्थिति में क्या करना है
आज हम नहेम्याह की पुस्तक से सीखेंगे
#नहेम्याह 1:2
2 तब हनानी नाम मेरा एक भाई और यहूदा से आए हुए कई एक पुरुष आए; तब मैं ने उन से उन बचे हुए यहूदियों के विषय जो बन्धुआई से छूट गए थे, और यरूशलेम के विषय में पूछा।
हम जब इस पुस्तक को पढ़ेंगे तो शुरुआत में ही हम इस बात को देखते हैं कि नहेम्याह अपने लोगो के बारे में पूछता हैं।
क्या हम कलीसिया के लोगो के बारे में अपने पास्टर और लीडर के बारे में सोचते हैं क्या हमें पता है कि ये सभी कैसे है अगर नही पता तो हमे जानने की जरूरत हैं ये हम सब की जिम्मेदारी हैं। बात करने पर हमें शायद पता चले कि किसी के लिये कोई परेशानी है और शायद हम उस के लिए कुछ ना कर सके पर हम अगर नहेम्याह की तरह करे तो
आगे पढ़ेंगे
नहेम्याह 1: 4-6
4 ये बातें सुनते ही मैं बैठकर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता; और स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कह कर प्रार्थना करता रहा।
5 हे स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा, हे महान और भययोग्य ईश्वर! तू जो अपने प्रेम रखने वाले और आज्ञा मानने वाले के विष्य अपनी वाचा पालता और उन पर करुणा करता है;
6 तू कान लगाए और आंखें खोले रह, कि जो प्रार्थना मैं तेरा दास इस समय तेरे दास इस्राएलियों के लिये दिन रात करता रहता हूँ, उसे तू सुन ले।
इन वचनों में नहेम्याह परमेश्वर से बोलता हैं कि जो प्रार्थना वो करे उसे सुने। वह उन सभी विषय के लिए प्रार्थना करता है जिन बातों से वह व्याकुल हैं।
इसलिए हमें भी अपने लोगो के लिए
अपनी कलीसिया के लिए
अपने शहर के लिए
अपने देश के लिए प्रार्थना करने की जरूरत है आप देखेंगे कि आपके द्वारा परमेश्वर इस देश को आशीषित करेगा।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे
सभी को जय मसीह की
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली, इंडिया।
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