विषय:- बुद्धिमान और मूर्ख मनुष्य

लूका 6:46-47
जब तुम मेरा कहना नहीं मानते, तो क्यों मुझे हे प्रभु, हे प्रभु, कहते हो?
जो कोई मेरे पास आता है, और मेरी बातें सुनकर उन्हें मानता है, मैं तुम्हें बताता हूं कि वह किस के समान है 

हमे परमेश्वर ने एक व्यवस्था को दिया जिसके अनुसार हमे चलना हैं। वह हमारी अगुवाई करता हैं समय समय पर कि हमें क्या करना है।

लेकिन क्या कारण हैं कि हम फिर भी अपने जीवन मे परेशान रहते है। कही ना कही इसका कारण यह हैं कि  हमे जो कार्य प्रभु कहता हैं वो करने में हम चोकसी नही करते हैं। 

वचन बता रहा हैं कि हम प्रभु का कहना नही मानते और फिर भी उसी को पुकारेंगे। अगर हम बीमार हैं और डॉक्टर के पास जाते हैं। वह हमें खाने के लिए दवाइयाँ देता हैं पर घर आकर अगर उसको नही खाते तो कुछ लाभ नही। इसी तरह से अगर हम परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं और परमेश्वर हमे कार्य को देता हैं और हम उसके कार्य को नही करते तो कुछ लाभ नही।
आगे वचन कहता हैं कि जो कोई मेरे पास आता हैं उसे चाहिए कि वह मेरी सुने।

आगे अगर हम वचनों को पढ़ेंगे तो साफ लिखा हुआ है कि जो परमेश्वर की बातों को मानता हैं वह ऐसे घर के समान हैं जिसकी नींव चट्टान पर बनी हो और कुछ भी होने से वह घर स्थिर रहेगा।
लेकिन जो परमेश्वर की आज्ञाओं को नही मानता वह ऐसे घर के समान है जिसकी नींव मिट्टी पर बनी हो और जल की धारा लगने से ही वह गिर गई।

अब चुनाव हमारा हैं हम अपने जीवन को अपने घर को किस मनुष्य की तरह बनाना चाहते हैं। हम कैसी नींव चाहते हैं 
मजबूत या कमजोर

परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।

Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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