विषय:- परमेश्वर की आज्ञा मानने का परिणाम।

जब हम उत्पत्ति की पुस्तक को पढ़ते हैं तो अध्याय 6 वचन 5-7 बताता है कि यहोवा ने देखा कि पृथ्वी पर मनुष्य के बीच बुराई बढ़ गई हैं। यह सब देख कर परमेश्वर पछताया और यहोवा ने कहा कि जिस मनुष्य की सृष्टि मैने की है उसे पृथ्वी पर से मिटा दूँगा।

परमेश्वर का पछताना यह दर्शाता है कि परमेश्वर हमसे कितना करीबी सम्बन्ध रखता है। वह हमसे प्रेम रखता है उसे हमारी चिंता है और जब हम उसके वचन से भागते हैं उसकी सुनते नही है सांसारिक बातो में समय बिताते हैं। तब उसे अच्छा नही लगता उसे दुख होता है।

उत्पत्ति 6:9
नूह की वंशावली यह है। नूह धर्मी पुरूष और अपने समय के लोगों में खरा था, और नूह परमेश्वर ही के साथ साथ चलता रहा।

उस समय जब लोगों में बुराई व दुष्टता फैली थी उन लोगो के बीच में परमेश्वर को नूह दिखाई दिया जो अभी भी परमेश्वर का भय मानता था। और परमेश्वर ने उसे सुरक्षित रखा।

उत्पत्ति 6:13-22
जब हम इन वचनों को पढ़ेंगे तो पाएंगे कि परमेश्वर ने नूह से बात की और कहा कि सब प्राणियों का अंत कर दूंगा। और परमेश्वर ने उसे एक जहाज बनाने को कहा और नूह ने वैसा ही किया।
 जब जहाज बन कर तैयार हो गया तो परमेश्वर ने फिर उससे बात की और कहा कि मैने तुझे ही धर्मी पाया है इसलिए तू अपने घराने समेत जहाज में जा।

मेरे प्रियो जब परमेश्वर ने नूह को जहाज बनाने को कहा जब उसने बनाया तो शायद कई लोग उस पर हस रहे होंगे कि यह तो पागल हो गया हैं और जब वह लोगो को बोलता होगा कि परमेश्वर ने मुझ से ऐसा बोला तो उसका मजाक उड़ाते होंगे लोग

आज जब हमें परमेश्वर कुछ कहता है तो हम उसको करे हम लोगो की तरफ ध्यान ना दे कि वे क्या कहेंगे।
आज जब हम सभी अपने घरों में है तो ऊंची आवाज में घुटनो पर बैठ कर प्रार्थना करे अपने लोगो के लिए। शायद आपके पड़ोसी कहेंगे कि इसको क्या हो गया या शायद आप के घर का ही कोई व्यक्ति बोले कि पागल हो गया हैं
पर आप ध्यान रखिए कि आपको रखा है परमेश्वर ने की आप उस सभी विषयों के लिए प्रार्थना करे।

जय मसीह की
परमेश्वर आप सभी को आशीष दे

Samanta AG Church
Baljeet nagar Patel Nagar
Delhi India

Comments

Popular posts from this blog

विषय:- आराधना।