विषय:-शिष्य बनने का मूल्य।
लूका 14:26
यदि कोई मेरे पास आए, और अपने पिता और माता और पत्नी और लड़के वालों और भाइयों और बहिनों वरन अपने प्राण को भी अप्रिय न जाने, तो वह मेरा चेला नहीं हो सकता।
इन वचनों में यीशु ने कहा कि जो कोई उनके पीछे चलने की इच्छा रखता हैं और उनका शिष्य बनना चाहता हैं वह पहले यह निर्णय जरूर ले ले कि क्या वह मूल्य चुकाने को तैयार हैं।
यीशु मसीह के शिष्य बनने का मूल्य यह हैं कि अपने सारे सम्बन्धो और सम्पत्ति को त्याग देना। यानि अपना सब कुछ त्याग देना।
इसका मतलब यह नही है कि सब कुछ छोड़ दिया जाए परन्तु यह हैं कि हमारे जीवन मे जो भी हैं वह सब परमेश्वर की अगुवाई में हैं और परमेश्वर हमारे जीवन में पहले स्थान पर हैं।
कई बार हम सभी देखते हैं कि लोग कलीसिया आना छोड़ देते हैं और कही ना कही वो लोग किसी व्यक्ति की वजह से ऐसा करते हैं।
लूका 14:33
इसी रीति से तुम में से जो कोई अपना सब कुछ त्याग न दे, तो वह मेरा चेला नहीं हो सकता।
वचन कहता हैं कि जो कोई अपना सब कुछ त्याग न दे वह मेरा चेला नही।
इसलिए अगर कोई भी व्यक्ति किसी मनुष्य को परमेश्वर से ज्यादा अहमियत दे रहा है तो वह परमेश्वर का शिष्य नही।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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