विषय:- विश्वासयोग्य और अविश्वासयोग्य दास।
बाइबल हमे विश्वासयोग्यता के बारे में सिखाती है कि एक अच्छा व विश्वासयोग्य दास कैसा होता हैं और क्या हम एक अच्छे व विश्वास योग्य दास हैं???
लूका की पुस्तक 12 अध्याय पद 41-46 इस विषय को बताता हैं।
लूका 12:42-43
प्रभु ने कहा; वह विश्वासयोग्य और बुद्धिमान भण्डारी कौन है, जिस का स्वामी उसे नौकर चाकरों पर सरदार ठहराए कि उन्हें समय पर भोजन सामग्री दे।
धन्य है वह दास, जिसे उसका स्वामी आकर ऐसा ही करते पाए।
वचन कहता है कि एक स्वामी अपने दास को काम सौप कर जाता है कि जो वहाँ के नोकर हैं उन्हें समय पर भोजन साम्रगी दे। और वह दास आशीषित हैं जो ऐसा ही करता पाया जाए। जब उसका स्वामी वापस आए।
मेरे प्रियो यह दृष्टान्त यीशु ने कहा।
उसकी अनुपस्थिति में जो कार्य मत्ती 28: 19-20 के अनुसार हमे दिया गया हैं और उसने प्रतिज्ञा की कि वह वापस आएगा अगर हम उसे कर रहे हैं तो वचन कहता है हम आशीषित हैं।
मत्ती 12:45-46
परन्तु यदि वह दास सोचने लगे, कि मेरा स्वामी आने में देर कर रहा है, और दासों और दासियों को मारने पीटने लगे, और खाने पीने और पियक्कड़ होने लगे।
तो उस दास का स्वामी ऐसे दिन कि वह उस की बाट जोहता न रहे, और ऐसी घड़ी जिसे वह जानता न हो आएगा, और उसे भारी ताड़ना देकर उसका भाग अविश्वासियों के साथ ठहराएगा।
एक अविश्वासयोग्य दास लापरवाह होगा और वह सांसारिक बातो पर मन लगाने वाले होते हैं। उसे पता है प्रभु आने वाले हैं फिर भी वह अपने काम पर ध्यान नही देगा। वचन कहता है ऐसे लोगो को दण्ड मिलेगा व उसका भाग अविश्वासी के साथ होगा।
इसलिए हम उसकी इच्छा के अनुसार चले।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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