विषय:-प्रार्थना में लगे रहना।

कुलुस्सियों 4:2
प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो।
लगे रहना मतलब स्थिर रहना या दृढ़ रहना या करते रहना है। यहाँ पर वचन कह रहा है कि प्रार्थना में डटे रहो
वो भी आत्मिक रूप से।

स्वयं को पूरी तरह से प्रार्थना में लगाने के लिए हमें उन बातों के प्रति सचेत रहने की आवयश्कता हैं जो हमे प्रार्थना से अलग कर रही हैं। हमें प्रार्थना करते समय किसी और बात पर ध्यान नही देना , इसलिए जब प्रार्थना करे तो अपने आप को पहले फ्री करे खाली करे ताकि प्रार्थना करते समय हम सिर्फ प्रार्थना ही करे। हमारे जीवन मे प्रार्थना आखिरी स्थान पर नही होना चाहिए बल्कि किसी भी विषय मे सबसे पहले प्रार्थना करे।

प्रेरितों 2:42
और वे प्रेरितों से शिक्षा पाने, और संगति रखने में और रोटी तोड़ने में और प्रार्थना करने में लौलीन रहे।

नए नियम की कलीसिया के लोगो की आदत थी। वे प्रार्थना में लौलीन रहते थे।

लूका 18:1 
फिर उस ने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्टान्त कहा।

इस वचन में यीशु मसीह ने अपने चेलों को नित्य प्रार्थना करना व हियाव न छोड़ने के बारे में कहा साथ ही उन्होंने एक विधवा का दृष्टान्त भी दिया।

कई बार हमारी प्रार्थनाओ का उत्तर हमे तुरन्त नही मिल पाता हैं लेकिन वचन कहता है कि हमे हियाव नही छोड़ना और प्रार्थना मे लगें रहना है। जब हम रोज प्रार्थना करेंगे तो हम देखेंगे कि हम और हमारा परिवार हमारी कलीसिया जिस विषय के लिए भी प्रार्थना कर रहे हैं परमेश्वर आशीष देगा।

परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की

Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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