विषय:-नमक व ज्योति।
मत्ती 5:13
तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।
जैसे स्वाद के लिए नमक बहुमूल्य हैं जरूरी हैं। उसके बिना हम खाने की सोचते भी नही। नमक खाने में ज्यादा होगा तो दिक्कत है कम होगा तो दिक्कत है।
उसी तरह से हमारा मसीह जीवन एक उदाहरण होना चाहिए। हमे देख कर लोग सोचने लगे कि इनका परमेश्वर कौन हैं। वह जानने के लिए इच्छुक हो मसीह को।
मत्ती 5:14
तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता।
इसी प्रकार वचन कहता हैं कि हम जगत की ज्योति हैं। हम मसीह में हैं और अगर हम लोगो से छिपना चाहते हैं कि लोगो को पता ना लग जाये कि हम चर्च जाते हैं तो ऐसा नही हो सकता। हम नही छिप सकते। पद 14 बताता हैं कि जो नगर ऊँचे पर बना हो वह कैसे छिप सकता हैं।
मत्ती 5:15
और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है।
और जिस तरह से लोग दिया जला कर ऐसी जगह रखते हैं कि सब को रोशनी पहुँचे उसी तरह से हमारा जीवन भी होना चाहिए। कि हमारे द्वारा लोगो का जीवन बदले।
मत्ती 5:16
उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें॥
यह मसीह में हमारा कार्य है कि हम नमक की तरह नमकीन और दिये कि तरह रोशनी देने वाले बने। ताकि हमारे द्वारा लोग आशीषित हो और हम बढ़ोतरी का कारण बने।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे
सभी को जय मसीह की
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
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