विषय:- सहभागिता

मसीहियों की एक साथ सहभागिता काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह हमारी एक साथ एकता हैं। और एकता होने के कारण विश्वासी मसीह में उत्साहित किया जाता हैं और बढ़ता है। रोमियों 1:11-12

संसार यह जानने पाता हैं कि यीशु परमेश्वर द्वारा भेजा गया। यूहन्ना 17:22-23

सहभागिता की शर्ते:-
◆ एक दूसरे के प्रति मूलभूत समर्पण।
रोमियों 12:10
◆ हमारा समर्पण निस्वार्थ प्रेम पर आधारित होना चाहिए।
यूहन्ना 13:34
◆ सच्ची सहभागिता का केंद्र मसीह हैं।
1 यूहन्ना 1:3
◆  ज्योति में चलना। यानी दुसरो के सामने अपने पापों को मान लेना या प्रेम में होकर दूसरो के पापों को ढाप देना।
मत्ती 18:15
◆ किसी भी प्रकार के मुखोटे को हटाना।
1 पतरस 1:22
◆ दूसरों की भलाई के लिए निष्कपट चिंता।
फिलिपियो 2;2-3
◆ अपना जीवन अर्पित कर देने के लिए उत्सुकता।
यूहन्ना 15:12-13

जब हम कलीसिया में सहभागी होंगे तो इस सहभागिता के कारण हमारे जीवन मे आशीषों का आना तय हैं। 

★हमारे जीवन मे परमेश्वर का भय पाया जाएगा। जिसके कारण अदभुत कार्य हमारे बीच में होंगे।
प्रेरितों 2:42
★ हमारे जीवन में आनन्द पाया जाएगा।
प्रेरितों 2:46
★ सब लोग सहभागी लोगो से प्रसन्न थे।
प्रेरितो 2:46
★ नए विश्वासियों का मिलाया जाना।
प्रेरितों 2:47
★ प्रत्येक आवश्यकता की पूर्ति होना।
फिलिपियो 4:19
★अगुवाई करने के द्वारा अदभुत कार्य होना।
प्रेरितों 2:43

इसलिए जो विश्वासी कलीसिया का हिस्सा होते हुए भी कलीसिया मे सहभागी नही हैं वह सहभागी हो ताकि आपका जीवन और लोगो के लिए आशीष का कारण बने।

परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।

प्रार्थना के लिए सम्पर्क करें।
Contact and whatsapp no.  8802401600

Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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