विषय:- पवित्रता के खोजी।

इब्रानियों 12:14
सब से मेल मिलाप रखने, और उस पवित्रता के खोजी हो जिस के बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा। 

वचन कहता हैं कि सब से मेल मिलाप रखे। ऐसा इसलिए कहा गया हैं क्योंकि इसके बिना हम प्रभु को नही देख सकते। साथ ही वचन कहता हैं कि हम पवित्रता के खोजी बनें। 

पवित्र होने का अर्थ है कि परमेश्वर के लिए पाप से अलग होना, यह परमेश्वर के निकट होना होता हैं। उसके समान होना, और उसकी उपस्थिति धार्मिकता व संगति को सम्पूर्ण ह्रदय से ढूढ़ना हैं। हम जितना परमेश्वर के समीप होंगे उतना ही पाप से दूर होंगे।

 ◆ पवित्रता अपने लोगों के लिए परमेश्वर का उद्देश्य था जब उसने मसीह से उद्धार की योजना बनाई।
इफिसियों 1:4
 
◆ पवित्रता मसीह के अपने लोगों के लिए लक्ष्य था जब वह इस संसार में आया।
1 कुरन्थियो 1:2

◆ पवित्रता मसीह का अपने लोगों के लिए लक्ष्य था जब उसने उनके लिए स्वयं को क्रूस पर दे दिया।
इफिसियों 5:25-27

◆ पवित्रता से परमेश्वर का उद्देश्य हैं कि हमें एक नई सृष्टि बनाये तथा पवित्र आत्मा दे।
इफिसियों 2:10

◆ पवित्रता के बिना कोई भी परमेश्वर के योग्य नही हैं।
2 तीमुथियुस 2:20-21

◆ पवित्रता के बिना कोई भी परमेश्वर के निकट नही हैं और न ही सहभागी हैं।
भजन संहिता 15 : 1-2

◆ पवित्रता के बिना कोई परमेश्वर को नही देख पायेगा।
पद 14, मत्ती 5:8

परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।

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बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।

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