विषय:- परमेश्वर का अनुग्रह।
2 कुरिन्थियो 12:9
और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।
परमेश्वर का अनुग्रह का मतलब है कि हमारे जीवन मे उसकी उपस्थिति, कृपा और सामर्थ्य हैं। ये उन लोगो के लिए है जो उसे पुकारते हैं उसकी सुनते हैं। उसके निकट बने रहते हैं।
वचन कहता है कि 【 मेरा अनुग्रह तेरे लिए बहुत हैं】।
जब हम विश्वासयोग्य हैं परमेश्वर के लिए तो हमारे लिए उसका अनुग्रह काफी हैं।
◆ उसके अनुग्रह के द्वारा हम धर्मी ठहराए गए हैं【रोमियो 3:24】
◆जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं। 【फिलिप्पियों 4:13】
हम निर्बल हो सकते हैं हम कमजोर हो सकते हैं हमारे अंदर वो योग्यता नही है जिस कार्य के लिए परमेश्वर ने हमे चुना हैं। वचन कहता है कि हम अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करे क्योकि हम कह सकते हैं ये परमेश्वर के द्वारा हुआ। आपकी निर्बलताओं के द्वारा उसकी सामर्थ प्रकट होगी।
◆और मैं निर्बलता और भय के साथ, और बहुत थरथराता हुआ तुम्हारे साथ रहा।
और मेरे वचन, और मेरे प्रचार में ज्ञान की लुभाने वाली बातें नहीं; परन्तु आत्मा और सामर्थ का प्रमाण था।
【1 कुरिन्थियों 2:3-4】
हम जब परमेश्वर के कार्य को करेंगे तो हमें मालूम होगा कि ये प्रभु के द्वारा हुआ।और हम लोगो से कह सकेंगे कि ये सब प्रभु ने किया है।
हम सभी प्रभु के अनुग्रह में रहे और उसे कार्य करने दे। क्योकि अगर हम अपनी सामर्थ को इस्तेमाल करेंगे तोभी वह परमेश्वर की सामर्थ के सामने कुछ भी नही है।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करे।
सभी को जय मसीह की।
Samanta AG Church
बलजीत नगर पटेल नगर
नई दिल्ली इंडिया।
Comments
Post a Comment